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रिपोर्ट – शम्भू प्रसाद

ऊखीमठ। नगर पंचायत ऊखीमठ जनपद रूद्रप्रयाग ने बीते एक वर्ष के दौरान क्षेत्र में तीस से अधिक विकास कार्यों को पूरा कर पूरे उत्तराखण्ड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। सड़क निर्माण, जल निकास, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पार्क निर्माण और तीर्थयात्रियों की सुविधा तक हर मोर्चे पर नगर पंचायत ने जो काम किया है उसकी चर्चा पूरे जनपद में हो रही है। नगर की जनता का कहना है कि इस कार्यकाल में जितना और जिस गति से विकास हुआ है वैसा पहले कभी नहीं देखा।

सड़क और संपर्क मार्ग के क्षेत्र में नगर पंचायत ऊखीमठ ने शानदार काम किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ तक सड़क निर्माण कराया गया जिससे बीमार और बुजुर्गों को अस्पताल पहुँचने में अब कोई दिक्कत नहीं होती। नगर पंचायत पार्किंग से कार्यालय तक सड़क मार्ग को दुरुस्त किया गया। मंगोली में खेल मैदान से अरूण के घर तक टाइल्स कार्य पूरा हुआ। राoइoकाo ऊखीमठ से शिवशरण के घर तक टाइल्स मार्ग बिछाया गया। छीड़ी में पृथ्वीसिंह के घर से मुख्य सड़क तक संपर्क मार्ग और चुन्नी बैंड से बचन सिंह के घर तक संपर्क मार्ग का निर्माण भी पूरा किया गया।

जल निकास और पाइपलाइन के क्षेत्र में भी नगर पंचायत ने बड़े काम किए। मंगोली चारी तोक में टेंक से चुन्नी तक पाइपलाइन बिछाई गई। मर्दाना तोक में पुलिया निर्माण हुआ। चुन्नी गदेरे पर सुरक्षात्मक कार्य और मंगोली में सतीश के घर से सुरेन्द्र के घर तक जल निकास व संपर्क मार्ग पूरा किया गया। चारी तोक के समीप जल निकास कार्य भी संपन्न हुआ। इनमें सबसे उल्लेखनीय रहा वह काम जो पिछले बीस वर्षों से लंबित था — चारी तोक के समीप डम्पिंग साइट रेमेडिएशन यानी लीगेसी वेस्ट निस्तारण कार्य को नगर पंचायत ने इस कार्यकाल में पूरा करके दिखाया। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

नगर पंचायत ऊखीमठ की एक और बड़ी उपलब्धि रही वार्ड नंबर एक गांधीनगर में भव्य पार्क का निर्माण। इस पार्क के बन जाने से न केवल गांधीनगर वार्ड के निवासियों को बल्कि पूरे नगर के लोगों को एक सुंदर और स्वच्छ सार्वजनिक स्थान मिला है। बच्चों के लिए खेलने की जगह हो या बुजुर्गों के लिए सुबह-शाम बैठने का ठिकाना — यह पार्क अब नगर की पहचान बनता जा रहा है। स्थानीय लोग इसे नगर पंचायत की सबसे लोकप्रिय परियोजनाओं में से एक मान रहे हैं।

स्वच्छता के मोर्चे पर नगर पंचायत ने ऐतिहासिक कदम उठाए। पूरे नगर क्षेत्र में सोर्स सेग्रीगेशन को बढ़ावा देने के लिए दो हजार डस्टबीनों का वितरण किया गया। सीसीटीवी कैमरों के जरिए गंदगी फैलाने वालों और कूड़ा फेंकने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है जिससे नगर में साफ-सफाई का स्तर पहले से काफी बेहतर हुआ है। चारधाम यात्रा के लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो मोबाइल टॉयलेट की स्थापना भी की गई। राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भोजन कक्ष और बाल विकास विभाग में आधार कार्ड कक्ष का निर्माण भी नगर पंचायत ने कराया।

प्रकाश व्यवस्था के क्षेत्र में नगर पंचायत ऊखीमठ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में यात्रा मार्ग पर एक सौ नई स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं और शेष दो सौ लाइटें लगाने का काम पूरी गति से जारी है। पचास सोलर लाइटें भी लगाई जा रही हैं और पहले से खराब पड़ी सोलर लाइटों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। अब ऊखीमठ की गलियाँ और यात्रा मार्ग रात में भी पूरी तरह रोशन रहते हैं जिससे नागरिकों और तीर्थयात्रियों दोनों को राहत मिली है।

भविष्य की योजनाओं पर भी नगर पंचायत की पैनी नजर है। पर्यावरण मित्रों के आवास के लिए नब्बे लाख रुपये की डीपीआर तैयार कर ली गई है जो तकनीकी स्वीकृति के बाद शासन को भेजी जाएगी। संविदा कार्मिकों के वेतन वृद्धि के लिए भी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कर शासन को पत्र लिखा जा चुका है।

नगर पंचायत ऊखीमठ का यह कार्यकाल इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि यदि नीयत साफ हो और काम करने का जज्बा हो तो पहाड़ की कठिन भूगोल भी विकास की राह नहीं रोक सकती। एक वर्ष में तीस से अधिक काम, बीस साल पुराना लंबित कार्य पूरा, नया पार्क, दो हजार डस्टबीन, सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें — यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। नगर पंचायत ऊखीमठ आज पूरे उत्तराखण्ड के पर्वतीय नगरों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है।