


रिपोर्ट- शम्भू प्रसाद
रुद्रप्रयाग। श्रीकांत नेगी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय रुद्रप्रयाग ने आरोपी नितिन सिंह नेगी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया का अंत हो गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला 24 दिसंबर 2024 का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक नितिन सिंह नेगी और उसके भाई श्रीकांत नेगी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान नितिन ने अपने भाई श्रीकांत के साथ मारपीट की। मारपीट में श्रीकांत गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण घायल श्रीकांत को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े मौखिक, दस्तावेजी और भौतिक साक्ष्य जुटाए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।


मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय के समक्ष विभिन्न साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए। अभियोजन ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नितिन सिंह नेगी पर हत्या का आरोप साबित करने का पक्ष रखा। न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी पाया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुद्रप्रयाग मीना अग्रवाल की अदालत ने नितिन सिंह नेगी को भारतीय दंड कानून के तहत हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है।



अदालत के फैसले के बाद श्रीकांत नेगी के परिजनों को मामले में न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है। वहीं, इस फैसले को कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए हत्या जैसे गंभीर अपराध के लिए कठोर सजा सुनाई है।
