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रिपोर्ट- शम्भू प्रसाद

 

रुद्रप्रयाग। भाजपा नेता पंकज भट्ट ने अपने रुद्रप्रयाग भ्रमण के दौरान कर्णप्रयाग-गोचर क्षेत्र में निहंग सिखों से जुड़ी हालिया घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को राजनीतिक रंग देकर उत्तराखंड की छवि और चारधाम यात्रा को प्रभावित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल और राजनीतिक संगठन सोशल मीडिया के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्ग पर भय और असुरक्षा का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार के भ्रामक प्रचार के कारण अनेक श्रद्धालुओं के मन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों की संख्या में कमी देखने को मिली। इससे चारधाम यात्रा से जुड़े स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, टैक्सी संचालकों तथा अन्य लोगों के रोजगार और व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

पंकज भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में धार्मिक पर्यटन और चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार लगातार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए कार्य कर रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में पर्यटन, आधारभूत संरचना, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार विभिन्न विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है और चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

भट्ट ने कहा कि विपक्ष को सकारात्मक राजनीति करते हुए प्रदेश के विकास और पर्यटन हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे किसी भी घटना को अनावश्यक रूप से बढ़ावा देकर भय का माहौल बनाने के बजाय शांति, सद्भाव और उत्तराखंड के हित में कार्य करें।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का स्थानीय जनता सदैव सम्मान करती है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति यात्रा अथवा पर्यटन के नाम पर स्थानीय लोगों के साथ अभद्रता, मारपीट, कानून व्यवस्था भंग करने अथवा गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध पुलिस एवं प्रशासन को कठोरतम कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्रदेश में शांति एवं सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।