
देहरादून – उत्तराखंड में 19 अप्रैल को वोटिंग हैं. निर्वाचन आयोग इसके लिए जोरशोर से तैयारियों में लगा हुआ है. राज्य के उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ दो अति दुर्गम जिले हैं. इन जिलों में कई मतदान केंद्र इतनी दूर हैं कि वहां एक दो दिन में नहीं पहुंचा जा सकता है. इसलिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे दुर्गम मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियों को तीन दिन पहले रवाना करने का फैसला लिया है.उत्तराखंड के 12 मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियां वोटिंग से तीन दिन पहले रवाना हो जाएंगी. इनमें उत्तरकाशी में 11 केंद्र और पिथौरागढ़ में 1 मतदान केंद्र शामिल हैं. ये मतदान केंद्र इतने दूर और दुर्गम हैं कि यहां कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. मतदान के दिन कोई कमी न रह जाए, इसलिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यहां के लिए पोलिंग पार्टियों को तीन दिन पहले रवाना करने की योजना बनाई है.राज्य में लोकसभा आम चुनाव 2024 को सुरक्षित एवं शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने सभी मतदान केंद्रों पर सभी मूलभूत आवश्यकताओं एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिये हैं.उत्तराखंड का उत्तरकाशी जिला अति दुर्गम जिला है. ये जिला चीन के कब्जे वाले तिब्बत से सीमा साझा करता है. इस जिले की समुद्र तल से ऊंचाई 1,158 मीटर है. जिले के कई गांव इससे भी ज्यादा ऊंचाई पर स्थित हैं. उत्तरकाशी जिला टिहरी लोकसभा सीट में आता है. टिहरी सीट से बीजेपी ने माला राज्य लक्ष्मी शाह को मैदान में उतारा है. कांग्रेस की ओर से इस सीट पर जोत सिंह गुनसोला मैदान में हैं.पिथौरागढ़ जिले की समुद्र तल से ऊंचाई 1615 मीटर है. इसकी सीमाएं चीन के कब्जे वाले तिब्बत और नेपाल से लगती हैं. पिथौरागढ़ जिला अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है. बीजेपी ने इस सीट से अजय टम्टा को टिकट दिया है. अजय टम्टा नामांकन भी कर चुके हैं. कांग्रेस ने प्रदीप टम्टा को प्रत्याशी बनाया है।