



रिपोर्ट- शम्भू प्रसाद
उखीमठ क्षेत्र में आवारा कुत्तों और बंदरों की बढ़ती संख्या से छात्रों और राहगीरों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। भारत सेवाश्रम संघ के अंतर्गत संचालित *स्वामी प्रणवानंदा विद्या मंदिर, उखीमठ* ने इस संबंध में नगर पंचायत, ऊखीमठ को पत्र पत्र के माध्यम से कार्यवाही की मांग की है।
विद्यालय द्वारा जारी पत्र के माध्यम से बताया गया है कि विद्यालय के पास स्थित कूड़ा डालने वाले क्षेत्र और आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते और बंदर एकत्र होकर घूमते रहते हैं। पिछले कुछ समय में आवारा कुत्तों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जिससे विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों और राहगीरों में भय का माहौल है।


पत्र में उल्लेख है कि यह समस्या केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है। उखीमठ के अन्य विद्यालयों के छात्र भी इन्हीं सड़कों का उपयोग करते हैं और उन्हें समान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय बच्चे डरे-सहमे रहते हैं।
इस दौरान विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती अनीता रावत ने कहा कि डंपिंग जोन के पास कुत्तों की मौजूदगी छात्रों और पैदल राहगीरों की सुरक्षा के लिए संभावित खतरा बन गई है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कुत्तों के काटने या अन्य अप्रिय घटनाओं की संभावना बनी रहेगी साथ ही उन्होंने नगर पंचायत, उखीमठ से विनम्र अनुरोध किया है कि आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए उचित कार्रवाई की जाए।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि बच्चे सुरक्षित रूप से स्कूल आ-जा सकें।




