
रिपोर्ट शम्भू प्रसाद
विकास खंड ऊखीमठ अंतर्गत गुप्तकाशी के समीपवर्ती गांव में एक नाबालिक की शादी रुकवाई गई। नाबालिक की उम्र महज 17 साल थी।
वन स्टाॅप सेंटर की प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट ने बताया कि बीते 3 महीनों में वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्प लाइन की सजगता और सतर्कता से आज सहित 15 बाल विवाह रुकवाए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, चाइल्ड हेल्प लाइन के सुपरवाइजर सुरेंद्र सिंह एवं केस वर्कर अखिलेश सिंह द्वारा नाबालिक बालिका के घर पर जाकर उसके माता पिता को समझाया गया। मौके पर सभासद मातवर सिंह भंडारी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री विनीता असवाल भी मौजूद थी। इसके पश्चात वर पक्ष के घरवालों से भी बात कर उन्हें समझाया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है जिसके लिए 2 वर्ष का कारावास और 1 लाख का जुर्माना दोनों हो सकता है। इसके अलावा दोनों पक्षों को यूसीसी की जानकारी भी प्रदान की। जिसके अंतर्गत किसी भी विवाह का पंजीकरण आवश्यक है। और यदि किसी नाबालिग विवाह का पंजीकरण होता है तो उस स्थिति में दोनों पक्षों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जानी सुनिश्चित है।