रिपोर्ट- शम्भू प्रसाद
रुद्रप्रयाग। जिले के काकड़ागाड़ स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान इन दिनों उपभोक्ताओं के शोषण का अड्डा बनती जा रही है। दुकान में लगातार ओवररेट वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो दुकान संचालक पर कोई ठोस कार्रवाई हो रही है और न ही आबकारी विभाग की नींद टूट रही है। स्थानीय उपभोक्ताओं में इस मनमानी को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार, काकड़ागाड़ की इस शराब दुकान में तय दर से अधिक कीमत वसूलना मानो आम प्रचलन बन चुका है। जो उपभोक्ता इसका विरोध करने या शिकायत दर्ज कराने का साहस दिखाते हैं, उन्हें दुकान संचालक की ओर से फोन कर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यह रवैया न केवल उपभोक्ता अधिकारों का खुला उल्लंघन है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि दुकान संचालक को किसी प्रशासनिक कार्रवाई का भय नहीं रह गया है।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं, बल्कि लगातार दोहराई जा रही घटना बन चुकी है। आये दिन इस दुकान से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं, परंतु हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। आबकारी विभाग की चुप्पी और निष्क्रियता ने इस पूरे प्रकरण को और संदिग्ध बना दिया है। विभाग की ओर से अब तक जो भी समाधान के दावे किए गए हैं, वे महज कागजी खानापूर्ति और दिखावे तक सीमित नजर आते हैं, जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव देखने को नहीं मिला है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस दुकान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो उपभोक्ताओं का शोषण और बढ़ सकता है। लोगों ने जिला आबकारी अधिकारी से मांग की है कि दुकान की तत्काल जांच कराई जाए, ओवररेटिंग की पुष्टि होने पर संचालक के लाइसेंस को निलंबित किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं को दबाव में लेने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
