Spread the love

 

 

रिपोर्ट- नरेंद्र रावत

चमोली। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर राज्य सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत चमोली जिले के नारायणबगड़ विकासखंड स्थित ग्रामसभा बगोली में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण किया गया। पिंडर नदी के तट पर स्थित प्राचीन श्री बबलेश्वर महादेव मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में हिमवंत सेवा ट्रस्ट तथा पश्चिमी पिंडर रेंज, नारायणबगड़ के वन विभाग ने संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे।

कार्यक्रम में हिमवंत सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष दीक्षा बुटोला रावत ने कहा कि नारायणबगड़ क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण के साथ आपदा जोखिम को भी कम किया जा सकता है। ट्रस्ट की सचिव मोनिका रावत ने बताया कि संस्था पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।

वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ ने बताया कि हरेला पर्व के अवसर पर बगोली, नलगांव सहित पश्चिमी पिंडर रेंज के विभिन्न गांवों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में जंगली, चारा, औषधीय तथा पहाड़ी फलदार प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ ग्रामीणों को वन संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

फॉरेस्टर तनुजा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आगामी श्री नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग के क्षतिग्रस्त स्थलों पर भी विशेष वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ यात्रा मार्ग को भी सुरक्षित बनाया जा सके।

ग्राम प्रधान बीना देवी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाकर ग्रामीणों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। उपप्रधान भरत सिंह ने श्री बबलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, समाजसेवियों, पर्यावरणविदों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।