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रिपोर्ट शम्भू प्रसाद

फाटा। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत न्याय पंचायत फाटा में आयोजित पाँच दिवसीय जनरल ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नव-निर्वाचित ग्राम प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों को पंचायत संचालन की बारीकियों से अवगत कराना और उन्हें सशक्त स्थानीय शासन की दिशा में तैयार करना रहा।

कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रशिक्षण में फाटा न्याय पंचायत के अन्तर्गत आने वाली कुल 12 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों को पंचायती राज अधिनियम, सतत् विकास लक्ष्य (SDG), ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), पंचायत की 09 थीम, ओन सोर्स रेवन्यू (OSR), पंचायत लेखा एवं अभिलेख प्रबंधन, वित्तीय प्रक्रिया, तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।

उन्होंने कहा कि एक सक्षम प्रतिनिधि वही है जो नियमों, योजनाओं और विकास की प्रक्रियाओं को समझकर उसे धरातल पर उतार सके। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिनिधियों को ज्ञान और कौशल से समृद्ध बनाना है ताकि वे अपनी ग्राम पंचायतों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर सकें।

वहीं, ग्राम विकास अधिकारी कुदरत राणा ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ग्राम पंचायतों के लिए विकास योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन तभी संभव है जब जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और प्रक्रियाओं की समुचित समझ हो। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्राम स्तर पर सुशासन स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पूजा खड़का, बिंद्रा तिवारी, चंद्र मोहन उखियाल, अशोक खड़का, और मदन भट्ट ने भी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ सत्र लिए।

पाँच दिवसीय प्रशिक्षण में लगभग 90 ग्राम प्रधान एवं वार्ड सदस्यों की उपस्थिति रही, जिन्होंने अधिगम सत्रों में रुचि लेकर सहभागिता दिखाई।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी बनेगी।

यह प्रशिक्षण ग्रामीण नेतृत्व को सक्षम और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।