



रिपोर्ट- शम्भू प्रसाद
ऊखीमठ। श्री केदारनाथ धाम में शीतकालीन परंपराओं के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर तीर्थ पुरोहित पंडित संतोष त्रिवेदी ने उप जिलाधिकारी ऊखीमठ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि शीतकालीन समय में केदारनाथ धाम में परंपराओं के विपरीत गतिविधियां कराई जा रही हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है।
पंडित संतोष त्रिवेदी ने बताया कि केदारनाथ धाम शीतकालीन गद्दी स्थल है और यहां छह माह देव पूजा तथा छह माह नर पूजा का विशेष महत्व है। शीतकाल में देवपूजा की परंपरा का विशेष स्थान होता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि या परंपराओं के विपरीत आयोजन धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
उन्होंने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि एक निजी कंपनी के ठेकेदार द्वारा मंदिर परिसर व मंदिर के सामने ओम के पास गतिविधियां कराई गईं, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है।



मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लेते हुए यह ज्ञापन लोक निर्माण विभाग, गुप्तकाशी को अग्रसारित कर दिया है। उप जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया है कि केदारनाथ धाम में परंपराओं के विपरीत की जा रही किसी भी गतिविधि को तत्काल रोका जाए तथा आगे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस पूरे मामले के बाद धार्मिक संगठनों व तीर्थ पुरोहितों में संतोष देखा जा रहा है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


